जब से करीना कपूर ने बच्चे को जन्म दिया है तब से बधाईयाँ कम, शिक़ायतें ज़्यादा मिल रही हैं। मुबारक़बाद देने वालों की संख्या कम, आलोचकों की संख्या कुछ ज़्यादा ही हो गई है। बच्चे ने अभी आँखें भी नहीं खोली कि उसके कानोंं में यह बात गूंजने लगी कि तेरे बाप ने तेरा नाम तैमूर रखा है, तू तैमूर की तरह ही खूंखार होगा, तू उसी की तरह लोगों को सताएगा और तू उसी की तरह बर्बरता की हदें पार करेगा।
मु्द्दे पर आने से पहले तैमूर लंग के अंदर भी झाँक लेना ज़रूरी है। तैमूर 14वीं सदी का शासक था। प्रत्यक्ष रूप से तो वह दुनिया का सबसे बर्बर और निष्ठुर शासकों में से एक था, लेकिन जो अप्रत्यक्ष है उस पर ग़ौर करना भी ज़रूरी है। उसे मुस्लिम कहना भी पूरी तरह से जायज़ नहीं है, क्योंकि उसके पिता ने इस्लाम कबूल किया था। उसका इरादा सिकंदर और चंगेज खां की तरह विश्वविजेता बनना था। तैमूर के बारे में अधिक जानने के लिए आप गूगल बाबा या इतिहास की किताब का सहारा ले सकते हैं।
अब आते हैं मुद्दे की बात पर कि करीना कपूर और सैफ अली खान के बेटे के तैमूर नाम से लोगों को इतनी चिढ़ क्यों है? लोगों को नाम से इतनी नफरत क्यों हो रही है? क्या इसलिए कि तैमूर लंग एक मुस्लिम शासक था या फिर इसलिए कि वह बर्बर शासक था? बर्बर तो हिटलर भी था। मेरे ख़्याल से तो जिन लोगों को तैमूर नाम से दिक्कत है वे या तो छोटी मानसिकता के हैं या फिर उन्हें फिर किसी जाति विशेष से नफरत है और यदि जाति विशेष से नफरत है तो यही विरोध उस समय क्यों नहीं हुआ जब 2012 में करीना ने सैफ का हाथ थामा. दूसरी बात यदि मानसिक दिक्कत है तो इसका कोई इलाज नहीं है, यह लाइलाज है।
नाम से भविष्य तय होता है क्या ?
जो लोग करीना के बेटे के नाम से कूढ़ रहे हैं उनके साथ ये भी दिक्कत है कि उन्हें लगता है कि नाम से ही भविष्य तय होता है। चलिए हम उनकी बात थोड़ी देर के लिए मान लेते हैं कि नाम से भविष्य तय होता है तो फिर राम सिंह को राम की तरह होना चाहिए, जबकि वह एक डाकू था। कल्याण सिंह गूजर भी एक डाकू था, जबकि उसे लोगों का कल्याण करना चाहिए था। इस लिहाज से तो बसपा सुप्रीमो मायावती और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अनाथालय चलाना चाहिए, क्योंकि दोनोंं के नाम से ममता छलक रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मोदीखाना (किराने की दुकान) चलाना चाहिए था। अभिनेता रणवीर सिंह को आर्मी चीफ होना चाहिए था, क्योंकि उनके नाम में रण भी है और वीर भी है। नवाज शरीफ़ और राहिल शरीफ़ को भी शरीफ़ होना चाहिए था, लेकिन फिलहाल जो वे हैं ये बताने की ज़रूरत नहीं है।
नोट- करीना की बेटे के साथ इस फोटो की जाँच की जा रही है, क्योंकि इस फोटो पर अभी संदेह है कि यह असली फोटो है।

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