रविवार, 10 जनवरी 2016

आख़िर क्या बला है 'वायरल' ?

'वायरल' शब्द का नाम तो आपने सुना ही होगा। वैसे आप जो वायरल समझ रहे हैं, मैं उस वायरल की बात नहीं कर रहा हूँ। आप शायद उस वायरल के बारे में सोच रहे हैं जब डॉक्टर कहता है कि आपको बदलते मौसम के कारण सर्दी या बुख़ार हो गया है जो कि वायरल है।


वायरल: वायरल वह बला है जब चंद मिनटों में कोई ख़बर, फ़ोटो, वीडियो या गाना इण्टरनेट पर बहुत सारे लोगों द्वारा देखा, पढ़ा या सुना जाए। इसका जन्म इण्टरनेट के पादूर्भाव और स्मार्टफ़ोन  के आने के बाद हुआ है जो आज किसी भी समय अपनी ओर लोगों का ध्यान खिंचने में समर्थ है।

अब चलिए बता ही देता हूँ, मैं उस वायरल की बात कर रहा हूँ जो आजकल अक़्सर आपको फ़ेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, वॉट्सऍप पर देखने, पढ़ने और सुनने को मिल रहा है। आजकल यह ऐसा शब्द हो गया है जिसे सुनते ही सबके कान खड़े हो जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, आप किसी को एक वीडियों दिखाइये तो वह एक बार में शायद ही देखेगा, लेकिन यदि आपने यह कह दिया है, "यार यह वीडियो देख ना, वायरल हो गयी है।" वह आदमी बिना किसी झिझक के पलटकर देखेगा। यह तो हो गई सोशल मीडिया और आम जनता की बात, अब आते हैं वास्तविक मीडिया में।
यदि आपने दुर्भाग्यवश आज की पत्रकारिता में आने का मन बना लिया है तो आपको इस बात के लिए तैयार रहना होगा कि आप ऐसी ही ख़बरें लिखें जो तुरंत वायरल हो जाए, नहीं तो भाई साहब आप पत्रकारिता को तो भूल ही जाइए, क्योंकि आपको नौकरी तो मिलने वाली है नहीं। आलम तो यह है कि मीडिया घरानों में साक्षात्कार के समय भी पूछा जाने लगा है कि आपने स्कूप-हूप (scoopwhoop) या गजब पोस्ट (Gajabpost) ( इन दोनों वेबसाइटों पर वायरल ख़बरें ही मिलतीं हैं) देखी है? यदि आपका जवाब हाँ है तो सैलरी की बात होगी और यदि जवाब नहीं हुआ तो भाई साहब आप बिना कुछ कहे चुपचाप अपना तीन पन्ने वाला रिज्यूमे लेकर वापस आ जाएँ, यही बेहतर होगा।
आज के लिए इतना ही
फिर मिलेंगे चलते-चलते!

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