शनिवार, 12 मार्च 2016

दाढ़ी की ओर लौटते युवा

कुछ दिन पहले तक आपको या हमें जब भी ऑफ़िस जाना होता था या नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जाना होता था, किसी की शादी, ब्याह आदि में जाना होता था, तो इन तमाम जगहों पर जाने की तैयारी में सबसे पहली तैयारी हजामत यानी दाढ़ी कटवाने की होती थी। मतलब साफ़ था कि हमें चिकना दिखना है। वही आज के संदर्भ में बात करें तो इसके उलट हो रहा है। आज कही भी किसी भी कार्यक्रम में जाना होता है जहाँ स्पेशल दिखना ज़रूरी हो जाता है, वैसी स्थिति में आज भी हम सैलून की ओर रुख़ करते हैं, लेकिन दाढ़ी साफ़ करवाने के लिए नहीं, बल्कि ट्रीम यानी महीन, छोटी-छोटी करवाने के लिए।

थोड़ी स्टैंडर्ड भाषा में कहें तो इस दाढ़ी कटवाने की प्रकिया को आजकल सेट करवाना कहा जा रहा है। इसका क्रेज़ इतना बढ़ता जा रहा है कि दाढ़ी उगाने के लिए कुछ दवाएँ और क्रीमों का इस्तेमाल करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। इसके लिए बीयर्ड जैसे तमाम प्रोडक्ट भी बाज़ार में आ गए हैं जो दाढ़ी उगाने में युवाओं की मदद कर रहे हैं। इसमें सबसे आगे उस्तरा नामक कंपनी है जो Mooch & Beard Tonic नाम से अपना प्रोडक्ट बेच रही है।


 



 यह तस्वीरें उन चंद लोगों की हैं जो आजकल ऐसी क्रीमों का सहारा ले रहे हैं।





कुछ दिन पहले  की बात करें तो जब रणवीर सिंह अभिनीत बाजीराव मस्तानी रिलीज़ हुई थी उस समय भी हरदम चिकने रहने वाले युवाओं को लम्बी और घनी मूँछों में देखा गया था। तो कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि ज़माना फिर से वहीं जा रहा है जहाँ से शुरू हुआ था।
आज के लिए इतना ही
फिर मिलेंगे चलते-चलते

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